Corona Remedies Share Price: NSE पर 38% प्रीमियम के साथ धमाकेदार एंट्री! जानिए Investors ने एक झटके में कितना कमाया?
भारतीय शेयर बाज़ार (Stock Market) में आज निवेशकों के चेहरे खिल उठे हैं। अगर आपने भी हाल ही में आए Corona Remedies IPO में पैसे लगाए थे, तो आज का दिन आपके लिए किसी लॉटरी से कम नहीं है। फार्मा सेक्टर की इस कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज पर बहुत ही मज़बूत शुरुआत की है।
आज NSE और BSE पर घंटी बजते ही यह शेयर अपने इश्यू प्राइस से काफी ऊपर लिस्ट हुआ। बाज़ार के जानकारों का मानना है कि कंपनी की मज़बूत पकड़ और निवेशकों के भरोसे ने इस शेयर को इतनी शानदार ओपनिंग दी है।
इस आर्टिकल में हम आसान भाषा में समझेंगे कि Corona Remedies की लिस्टिंग किस भाव पर हुई, एक निवेशक को प्रति लॉट (Per Lot) कितना मुनाफा हुआ, और अब शेयर होल्डर्स को आगे क्या करना चाहिए।
1. लिस्टिंग का पूरा गणित: उम्मीद से ज़्यादा मिला मुनाफा
सबसे पहले बात करते हैं उन आंकड़ों की जिनका इंतज़ार हर निवेशक सुबह 10 बजे से कर रहा था। Corona Remedies के शेयर की लिस्टिंग 'प्रीमियम' पर हुई है। शेयर बाज़ार की भाषा में 'प्रीमियम' का मतलब है कि कंपनी ने जिस भाव पर शेयर बेचा था, बाज़ार में उसकी कीमत उससे कहीं ज़्यादा पर खुली है।
- IPO का भाव (Issue Price): ₹1,062 प्रति शेयर
- NSE पर लिस्टिंग (Listing Price): ₹1,470 प्रति शेयर
- कुल मुनाफा (Listing Gain): 38.42%
यानी, जैसे ही बाज़ार खुला, शेयर की कीमत सीधे ₹1,470 हो गई। BSE (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) पर भी यह शेयर ₹1,452 पर लिस्ट हुआ, जो इश्यू प्राइस से करीब 36.72% ज़्यादा है। यह एक बहुत ही शानदार शुरुआत मानी जा रही है, खासकर तब जब बाज़ार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
2. सीधा हिसाब: एक लॉट (Lot) पर आपको कितने पैसे मिले?
शेयर बाज़ार की खबरें पढ़ते समय आम निवेशक के मन में सबसे पहला सवाल यही आता है—"मेरी जेब में कितना पैसा आया?" चलिए इसे एकदम सरल तरीके से कैलकुलेट करते हैं।
इस IPO में निवेश करने के लिए आपको कम से कम एक लॉट (Lot) खरीदना था, जिसमें 14 शेयर्स थे।
- आपकी जेब से लगे थे (Investment): ₹1,062 (एक शेयर का दाम) x 14 (कुल शेयर) = ₹14,868
- आज लिस्टिंग पर वैल्यू (Current Value): ₹1,470 (आज का दाम) x 14 (कुल शेयर) = ₹20,580
- शुद्ध मुनाफा (Net Profit): ₹20,580 - ₹14,868 = ₹5,712
इसका मतलब है कि जिन खुशकिस्मत लोगों को यह IPO अलॉट हुआ था, उन्होंने सिर्फ कुछ ही दिनों में अपने ₹14,868 के निवेश पर ₹5,712 का सीधा मुनाफा कमा लिया। यह लगभग 38% का रिटर्न है, जो बैंक एफडी (FD) में कई सालों में मिलता है।
3. निवेशकों की भारी भीड़: क्यों थी इतनी डिमांड?
इस शेयर की इतनी अच्छी लिस्टिंग के पीछे सबसे बड़ा कारण था इसकी भारी मांग। जब यह IPO खुला था, तो इसे खरीदने के लिए निवेशकों की लाइन लग गई थी। आंकड़ों पर नज़र डालें तो पता चलता है कि लोगों को इस कंपनी पर कितना भरोसा था।
यह IPO कुल मिलाकर 137 गुना (Times) भरा था। इसको ऐसे समझें कि कंपनी के पास अगर बेचने के लिए सिर्फ 1 शेयर था, तो उसे खरीदने के लिए 137 लोग कतार में खड़े थे।
- बड़े निवेशक (QIBs): म्यूचुअल फंड्स और बैंकों ने इसे लगभग 279 गुना सब्सक्राइब किया था।
- अमीर निवेशक (NIIs): हाई नेट-वर्थ वाले लोगों ने इसे 209 गुना भरा।
- आम जनता (Retail): हम और आप जैसे छोटे निवेशकों ने भी इसे 28 गुना से ज़्यादा सब्सक्राइब किया था।
इतनी ज़बरदस्त डिमांड के कारण ही अलॉटमेंट मिलना बहुत मुश्किल था, लेकिन जिन्हें मिला, उनकी चांदी हो गई।
4. कंपनी के बिजनेस में क्या है खास? (Company Profile)
शेयर का भाव तभी बढ़ता है जब कंपनी का काम मज़बूत हो। Corona Remedies कोई नई कंपनी नहीं है, यह गुजरात के अहमदाबाद बेस्ड एक जानी-मानी फार्मास्युटिकल कंपनी है।
इनका मुख्य काम दवाइयां बनाना, रिसर्च करना और बेचना है। यह कंपनी खास तौर पर इन बीमारियों की दवाओं के लिए जानी जाती है:
- Women’s Healthcare: महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी दवाइयां।
- Cardio-diabetology: दिल और शुगर (Diabetes) की बीमारी की दवाएं।
- Pain Management: दर्द निवारक दवाएं।
कंपनी के पास 67 से ज़्यादा अपने ब्रांड्स हैं। फार्मा सेक्टर भारत में हमेशा से ही एक "डिफेंसिव सेक्टर" माना जाता है, यानी जब बाज़ार गिरता है तब भी दवाइयों की कंपनियों पर कम असर पड़ता है, क्योंकि दवाइयों की ज़रूरत हमेशा रहती है। यही कारण है कि लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स ने इसमें इतनी दिलचस्पी दिखाई।
5. OFS क्या होता है और इस IPO में इसका क्या रोल था?
आपने खबर में सुना होगा कि यह IPO पूरी तरह से OFS (Offer For Sale) था। नए निवेशकों के लिए इसे समझना ज़रूरी है।
जब कोई कंपनी IPO लाती है तो दो तरीके होते हैं: या तो वो नए शेयर बनाती है (Fresh Issue), या फिर पुराने मालिक अपने हिस्से के शेयर बेचते हैं। Corona Remedies के मामले में, कंपनी ने नए शेयर जारी नहीं किए, बल्कि कंपनी के पुराने प्रमोटर्स और शुरुआती निवेशकों ने अपने हिस्से के शेयर जनता को बेचे हैं।
इसका मतलब है कि जो ₹655 करोड़ इस IPO से आए, वो कंपनी के बैंक खाते में नहीं, बल्कि उन पुराने निवेशकों के पास गए जिन्होंने अपने शेयर बेचे। अक्सर OFS को लेकर निवेशक थोड़ा सतर्क रहते हैं, लेकिन Corona Remedies के केस में कंपनी की ब्रांड वैल्यू इतनी अच्छी थी कि निवेशकों ने OFS होने के बावजूद दिल खोलकर पैसा लगाया।
6. एंकर इन्वेस्टर्स (Anchor Investors) का भरोसा
IPO खुलने से एक दिन पहले ही बड़े-बड़े फंड हाउस (Anchor Investors) ने कंपनी में ₹195 करोड़ लगा दिए थे। इसमें SBI Mutual Fund, HDFC Mutual Fund, ICICI Prudential और Kotak Mahindra जैसे दिग्गज नाम शामिल थे। जब देश के इतने बड़े वित्तीय संस्थान किसी कंपनी में पैसा लगाते हैं, तो यह छोटे निवेशकों के लिए एक 'ग्रीन सिग्नल' होता है कि कंपनी फंडामेंटली मज़बूत है।
7. अब आगे की रणनीति: बेचें या होल्ड करें? (What Should Investors Do?)
अब सबसे बड़ा सवाल—जिनके पास शेयर हैं, वो क्या करें? और जिनके पास नहीं हैं, क्या वो अब खरीद सकते हैं?
बाज़ार के जानकारों (Market Experts) की राय आम तौर पर ऐसी स्थिति में यह होती है:
- अगर आप शॉर्ट टर्म के लिए आए थे: अगर आपने IPO में पैसा सिर्फ 'लिस्टिंग गेन' (Listing Gain) के लिए लगाया था, तो ₹5,700 प्रति लॉट का मुनाफा एक बहुत अच्छा अमाउंट है। कई एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि आप अपना मुनाफा बुक (Profit Booking) करके निकल सकते हैं या कम से कम अपनी लागत (Principal Amount) निकाल लें।
- अगर आप लॉन्ग टर्म निवेशक हैं: चूंकि यह फार्मा सेक्टर की कंपनी है और इसके प्रोडक्ट्स की मांग बनी रहती है, तो लंबी अवधि के निवेशक इसे अपने पोर्टफोलियो में रख सकते हैं। हालांकि, हर तिमाही (Quarterly) के नतीजों पर नज़र रखना ज़रूरी है।
- नई खरीदारी (Fresh Entry): जिन लोगों को IPO नहीं मिला, उन्हें तुरंत हड़बड़ी में शेयर नहीं खरीदना चाहिए। लिस्टिंग वाले दिन शेयर में बहुत उतार-चढ़ाव (Volatility) होता है। थोड़ा इंतज़ार करें और शेयर का भाव स्थिर (Stabilize) होने दें।
FAQs: Corona Remedies IPO से जुड़े सवाल
Q1: Corona Remedies का शेयर किस भाव पर लिस्ट हुआ?
Ans: यह शेयर NSE पर ₹1,470 और BSE पर ₹1,452 पर लिस्ट हुआ।
Q2: मुझे IPO में शेयर नहीं मिले, क्या अब खरीदना सही है?
Ans: लिस्टिंग के तुरंत बाद शेयर का भाव बहुत तेज़ी से ऊपर-नीचे होता है। नए निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे कुछ दिन इंतज़ार करें और सही वैल्युएशन का इंतज़ार करें।
Q3: इस कंपनी का मुख्य काम क्या है?
Ans: Corona Remedies मुख्य रूप से महिलाओं की सेहत, दिल की बीमारियों और दर्द निवारण की दवाइयां बनाती है।
निष्कर्ष (Conclusion)
Corona Remedies की धमाकेदार लिस्टिंग ने यह साबित कर दिया है कि अच्छे बिजनेस और सही वैल्युएशन वाली कंपनियों के लिए बाज़ार में पैसे की कोई कमी नहीं है। ₹1,062 का शेयर ₹1,470 पर पहुंचना कंपनी के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। निवेशक खुश हैं, और कंपनी का ब्रांड अब बाज़ार में पब्लिक हो चुका है।
अगर आप भी शेयर बाज़ार से पैसा कमाना चाहते हैं, तो हमेशा अच्छी रिसर्च करें और समझदारी से निवेश करें।
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